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Time (An Amazing Short Story)

एक बहोत ही बड़ा बिजनेसमेन अपने कमरे में पैसे गिन रहा था. उस वक़्त उसका 10 साल का बेटा उसके कमरे में आया और बड़ी मासूमियत से पूछा.

पापा आप क्या कर रहे हो?
पापा ने कोई जवाब नहीं दिया, क्यों की वो पैसे गिनने में व्यस्त थे.
बच्चा पापा के और पास गया और उस के पापा का हाथ पकड़ के बोला, पापा आप क्या कर रहे है?
तो उस ने पैसे गिनते-गिनते कहा कहा बेटा में पैसे गिन रहा हु.

बच्चा थोड़ी देर चुप रहा, फिर उसने पूछा पापा आप 1 घंटे में कितने पैसे कमाते हो?
पापा बोले बेटा तू ये जान के क्या करेगा?
बच्चा बोला नहीं मुझे बताओ ना आप एक घंटे में कितने रुपये कमाते हो?

उसके पापा ने महीने की कमाई को दिन में और दिन की कमाई 1 घंटे में सोच कर उसके बेटे की और मुह फेरते हुए कहा 500 रुपये.
फिर बच्चा बोला तो पापा मुझे 250 रुपये दो. पापा ने कहा 250 रुपये का तू क्या करेगा?
बच्चे ने कहा नहीं मुझे पैसे चाहिए ही चाहिए.

उस के पिता ने उसे 250 रुपये दिए.
बच्चे ने 250 रुपये लिए और उसकी खुद की जेब से दुसरे 250 रुपये निकले, फिर 500 रुपये जमा करके अपने पापा के हाथ में दिए और कहा, “पापा मुझे आप का 1 घंटा दो ना”…

ये छोटीसी कहानी उन व्यस्त लोगो के लिए है जो काम के बोज़ तले दबे है. और अपने परिवार को समय नहीं दे पा रहे है. दोस्तों हमारा परिवार ही हमारा असली जीवन है. बेशक काम की जीवन में अहेमियत है लेकिन परिवार से ज्यादा नहीं. हो सके तो अपनी व्यस्तता में से कुछ समय निकालके परिवार के साथ भी बिताये.

कहानी अच्छी लगी हो तो इसे आगे भी शेअर करे…

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