1 से 11 डायमेंशन (1 to 11 Dimensions Explained)

इस पूरी दुनिया का अस्तित्व डायमेंशनस के ऊपर टिका है, डायमेंशन के बिना ब्रह्मांड का भी कोई वजूद नहि हो सकता क्यूँकी ब्रह्मांड ख़ुद डायमेंशन में मौजूद है. आप इसे यूँ कह सकते है के ब्रह्मांड के निर्माता ने दुनिया को और इंटरेस्टिंग बनाने के लिए इसे डायमेंशनस में सजाया है. तो चले आज जानते है एक से ग्यारह डायमेंशन की 11 अग़ल-अग़ल दुनिया को

0 डायमेंशन यानी की एक बिंदु. एक ऐसा पोइंट जिसमें ना तो कोई लम्बाई होती है, ना चौराई और नाही गहराई होती है. एक एसा आयाम जिसमें दाएँ-बायें, या आजु-बाजु जैसी कोई चीज़ ही नहि होती. इसे 0 डायमेंशन कहेते है.

1st डायमेंशन

1st डायमेंशन यानी एक एसा आयाम जो दो बिंदुओ से मिलकर बना हो. जैसे के एक लम्बी लकीर, जिसमें सिर्फ़ लम्बाई होती है, चौराई और गहराई नहि होती. ये रेखा ही 1st डायमेंशन है. मान लो के कोई इंसान अगर इसमें रहे रहा हो तो वो सिर्फ़ आगे और पीछे ही गति कर सकता है. उसके लिए दाएँ-बाएँ जैसी किसी चीज़ का वजूद ही नहि होंगा.

2nd डायमेंशन

दोस्तों दूसरा आयाम एक एसी दुनिया होंगी जिसमें लंबाई और चौराई तो होंगी पर उसमें गहराई नहि होंगी. यानीकी अगर वहाँ कोई रहे रहा है तो वो सिर्फ़ आगे-पीछे और दाएँ-बायें जा सकता है, पर वो ऊपर-नीचे नहि जा सकता.

हम जो स्केच बनाते है वह 2nd डायमेंशन है. हमें जो TV पर द्रश्य देखते है वो 3rd डायमेंशन होने का हमें आभास होता है, पर वास्तव में वो भी 2nd डायमेंशन ही है.

3rd डायमेंशन

हम जिस दुनिया में रह रहे है वो एक 3rd डायमेंशनल दुनिया है. हमारी इस दुनिया में आगे-पीछे दाएँ-बाएँ और ऊपर-नीचे भी जाया जा सकता है. दोस्तों 2nd डायमेंशन और 3rd डायमेंशन के ऊपर मेने पहेले भी एक विडियो बनाई है. चले पहले उस विडियो की छोटी सी क्लिप को देख लेते है जिसमें आपके 2nd और 3rd डायमेंशन से रिलेटेड सारे डाउट्स क्लीयर हो जाएँगे.

तो देखा दोस्तों, सिर्फ़ एक डायमेंशन बदल जाने से, 2nd डायमेंशन से 3rd डायमेंशन में चले जानेसे कैसे पूरी दुनिया ही बदल जाती है. ये होता है डायमेंशनस का कमाल. अलग अलग डायमेंशन भिन्न भिन्न दुनिया से कम नहि होते.

4th डायमेंशन

दोस्तों 4th और उसके आगे के सारे डायमेंशन अभीतक साबित नहि हुए है. पर स्ट्रिंग थियारी ने तीनो डायमेंशन को समजने के बाद मेथेमेटिकल केलक्यूलेशन के आधार पर 4th और उसके आगे के डायमेंशन को समजाया है. हम भी आज उसी थियोरोटीकल केलक्यूलेशन के आधार पर जानेंगे के तीसरे डायमेंशन के बाद क्या है.

वैज्ञानिक कहेते है के 4th डायमेंशन ख़ुद समय है. हम हमारी इस 3 डायमेंशनल दुनिया में जो कोई भी कार्य करते है वो 4th डायमेंशन में ही संपन्न होता है. हम भले ही स्पेस के हिसाब से 3 डायमेंशनल दुनिया में रह रहे हो, पर टाईम के अकोर्डिंग हम 1st डायमेंशन में जी रहे है. क्यूँको समय में हम सिर्फ़ एक सीधी रेखा में आगे ही जा सकते है. हम बच्चे, फिर जवान, फिर अधेड़ और फिर बूढ़े होते है. हम एक सीधी लकीर की तरह समय में आगे ही जा सकते है पीछे नहि आ सकते. क्यूँकी हम समय के इस बेटियर को तोड़ नहि सकती इसलिए हम समय के एक ही डायमेंशन को महेसुस कर सकते है.

इस लिए हम स्पेस के हिसाब से 3th डायमेंशन में जी रहे है लेकिन टाइम के 1st डायमेंशन को भी महेसुस कर सकते है.

पर अगर कोई जीव समय के इस बेरियर को तोड़ कर भूतकाल और भविष्य में आगे या पीछे जा सके तो हम कहे सकते है के वो जीव 4th डायमेंशन में जी रहा है.

5th डायमेंशन

अगर आप 5th डायमेंशन के जीव है तो आप समय में आगे पीछे जाने के साथ अन्य किसी भी दिशा में भी जा सकते हो. थोड़ा कठिन है ना इसे समजना? चलिए इसे आसानी से समजते है. मानो के कोई इंसान अगर क्रिकेटर बनना चाहता हो और साथ ही एक संगीतकार भी. तो हमारी दुनिया में वो एक समय पर दो चीज़ें नहि कर सकता है. पर अगर आप 5th डायमेंशन के में हो तो आप ये कर सकते है. 5th डायमेंशन में एक ही व्यक्ति एक साथ दो चीज़ें कर सकता है और एक समय पर दो अलग अलग जगह पर अपनी मौजूदगी दर्ज करवा सकता है. इसे ही समय में आगे-पीछे के साथ दाएँ और बायें जाना कहेते है. 5th डायमेंशन का जीव समय के दूसरे आयाम में जी रहा होंगा.

मैं जानता हु के इसे समजना इतना आसान नहि है, क्यूँकी हम 3rd डायमेंशन में जी रहे है. जैसे 2nd डायमेंशन के जीव हमारी दुनिया को नहि समज सकते वैसे ही हम भी 5th डायमेंशन वर्ल्ड को नहि समज सकते. पर इसे वैज्ञानिक नज़रिए से इसे समजा जा सकता है.

6th डायमेंशन

दोस्तों 6th डायमेंशन में आप समय की किसी भी दिशा में रेंडमली गति कर सकते हो. मानो समय आपके लिए रुका सा गया हो. इस वजह से 6th डायमेंशन में टाइम आपके लिए बाधा नहि होंगा. आप इसमें किसी भी दिशा में जा सकते है, और एक ही समय पर कई सारे रूप ले सकते है. जैसे ब्रह्मांड के वो सूक्ष्म भूतिया कण ग़ायब होकर गति करते है, ठीक वैसा कर पाना आपके लिए 6th डायमेंशन में सम्भव होगा.

7th डायमेंशन

7th डायमेंशन समानांतर ब्रह्मांड को माना गया है. जैसे के हमारे ब्रह्मांड जैसे कई सारे और पेरेलर यूनिवर्स, या एक व्यक्ति के अनंत रूप, अथवा एक शरीर के अद्रश्य ओरा के समान दूसरे शरीर, या सात अलग-अलग दुनिया, या सात आसमान भी कहे लो. इस मल्टीपल कोंसेप्ट का वजूद सातवें डायमेंशन में मुमकिन है. इसमें सभी पेरेलर यूनिवर्स की उत्पत्ति अलग अलग संभावनाओं से हुई होंगी. इस डायमेंशन में रहेने वाले जीव इतने शक्तिशाली होंगे की वे दूसरे ब्रह्मांड में भी गति कर सकते है.

8th डायमेंशन

स्ट्रिंग थियारी कहती है के इस डायमेंशन किसी भी वस्तु का कोई भौतिक अस्तित्व नहि होंगा. जी हाँ, ये एक एसी दुनिया होंगी जीमे आप किसी ग्रह को देख तो सकते हो पर उसकी कोई सतह नहि होंगी ना ही आप उसे छू सकोंगे. यहाँ तक की आपका, ख़ुद का भी कोई भैतिक अस्तित्व नहि होंगा. इस दुनिया का सम्पूर्ण जीवन डिजिटल तरीक़े से रहे रहा होंगा, ये पूरी दुनिया ही डिजिटल रूप की भाती होंगी.

9th डायमेंशन

दोस्तों मुझे माफ़ करना, और आप लोग मेरे शब्दों को अतिशयोक्ति मत समजना. ये मैं नहि कह रहा पर थियारी कहती है और क्या ख़ूब कहती है. की 10th डायमेंशन में एक ही जगह पर बहोत सारी अलग-अलग सभ्यताए रहे सकती है. मतलब के आप अभी जिस स्थान पर हो वही एलियन भी मौजूद हो सकते है, डायनासोर भी मौजूद हो सकते है, और कोई और सभ्यता भी. पर कोई भी सभ्यता किसी और सभ्यता को ना देख सकती है और ना महेसुस कर सकती है. सभी सभ्यता अपने अपने समय में सरलता से जी रही होंगी. पर अगर समग्रलक्षि नज़रिए से कोई देखे तो एक ही जगह पर बहोत सारी सभ्यता मौजूद होंगी. इस समग्रलक्षिता को 9th डायमेंशन कहते है.

10th डायमेंशन

दोस्तों यह डायमेंशन अनंत संभावनाओं के साथ इतना जटिल होंगा की हम कभी उसकी कल्पना भी नहि कर सकते. इंफ़ेक्ट हम किसी भी हद तक सोच ले, उस हद से अनंत गुना अधिक सम्भावनाए इस डायमेंशन में होंगी. इस डायमेंशन में रहेने वाले जीव स्पेस, टाइम, ऊर्जा और सभी जीवों के साथ ही सारे पेरेलर यूनिवर्स को भी कंट्रोल कर सकते होंगे. दसवे आयाम में बसे जीव के पास इंफ़िनेत शांति होंगी और उस दुनिया की कल्पना हम लोग अभी तो क्या, शायद किसी भी युग में नहि कर सकेंगे…

11th डायमेंशन

दोस्तों M थियारी की माने तो ब्रह्मांड की सबसे सूक्ष्म वस्तु अणु, परमाणु, हिगजबोजों या कुआरक नहि है. पर वो स्ट्रिंग है. ये स्ट्रिंग इतनी सूक्ष्म और इस हद तक छोटी होती है के वो 11th डायमेंशन में होती है. स्ट्रिंग ऊर्जा की मैजूदगी में वाइब्रेंट करती है, और ब्रह्मांड की प्रत्येक वस्तु इसी स्ट्रिंग से बनी है. M थियारी के अनुसार किसी भी जीव की शुरुआत 0,1,2 डायमेंशन में नहि अपितु उसकी शुरुआत 11th डायमेंशन में होती है. आम शब्दों में समजे तो 11th डायमेंशन सर्जन का आयाम है…

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