शुक्र ग्रह (Planet Venus)

सूर्य से 10 करोड़ 82 लाख किलोमीटर दूर और सौरमंडल का दूसरे नंबर का ग्रह है शुक्र ग्रह (Venus). शुक्र उन पांच ग्रहो मे से है जिन्हें हम बिना टेलिस्कोप के अपनी आँखो से देख सकते है। सौरमंडल मे सभी ग्रहो की तुलना मे अकेला एक शुक्र ही है जो पृथ्वी की संरचना से काफी मेल खाता है। बुध की तरह शुक्र का भी कोई प्राकृतिक उपग्रह (Moon) नहि है. सूर्यमंडल में इन दोनो ग्रहों के उपग्रह ना होने का कारण है इनका सूर्य से काफ़ी क़रीब होना.

शुक्र का एक दिन उसके एक साल से भी बड़ा होता है, क्यूँकि अपनी धुरी पर एक चक्कर लगाने मे उसको 243 (Earth Days) दिन जितना समय लगता हैं, जबकि सूर्य की परिक्रमा करने मे उसे 225 दिन लगते है। इसी लिए सूर्यमंडल में सबसे लम्बा दिन शुक्र का ही है. माना जाता है की भूतकाल में किसी बड़े आबकाशी पिंड के टकराने की वजह से शुक्र नी धुरी भ्रमण गति धीमी हो गई है।

शुक्र हल्के पिले रंग का दिखता है, क्यूँकि यह ग्रह सल्फ़्यूरिक एसिड के बदलो की कई किलोमीटर मोटी शृंखला से ढका रहेता है. इस वजह से शुक्र का वातावरण बहोत घना है और इस लिए शुक्र का तापमान सबसे गर्म यानी क़रीब 465°C रहता है, इतनी ज्यादा गर्मि होने की वजह से वातावरण मे 96.5% carbon dioxide है। सौरमंडल मे सबसे ज्यादा ज्वालामुखी यही पाए जाते है। करोड़ों सालों में शुक्र पर लाखों ज्वालामुखी शांत हो चुके है पर अध्ययन से पता चला है के आज भी इस ग्रह पर क़रीब 1600 सक्रिय ज्वालामुखी है। शुक्र पर हवाए 350 से 724 किलोमीटर प्रति घंटा तक की रफ़्तार से चलती है जो पृथ्वी पर आये किसी भी विनाशक तूफान से अधिज है। अगर आपका वजन पृथ्वी पर 100kg है तो शुक्र पर 90kg होगा।

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