वरुण ग्रह (Planet Neptune)

सूर्य से लगभग 4.5 अरब किलोमीटर दूर बसा है वरुण (Neptune) ग्रह। यह ग्रह भी एक गैस प्लेनेत है और ये अरुण (Uranus) ग्रह से काफी मिलता जुलता है, Neptune पृथ्वी से काफी दूर होने की वजह से एक टिमटिमाते तारे जैसा दिखता है। Neptune को सबसे पहले 1846 मे Urbain Le Verrier और Johann Gottfried ने अधिकारिक रूप से खोजा था। यहा एक दिन 16 घंटे का होता है और सूर्य से काफी दूर होने की वजह से इसे सूर्य की परिक्रमा करने में पूरे 164.8 साल लगते है। Neptune का तापमान -214°C रहता है जो इसे सौरमंडल का सबसे ठंडा ग्रह बनाता है।

इस ग्रह की सबसे गर्म जगह है इसका दक्षिण ध्रुव, सबसे गर्म होने के बाद भी सन 2007 में वहाँ का अधिकतम तापमान -200°C रेकर्ड किया गया है. वो भी इस लिए क्यूँकि Neptune का दक्षिण ध्रुव पिछले 40 वर्षों से सूर्य की तरफ़ था। इसका व्यास 48,682 किलोमीटर है, Neptune के अपने 14 उपग्रह है, उसके अपने वलय भी है पर बोहत पतले होने की वजह से वो अधिकतर दिखते नहीं।

सूर्यमंडल में सबसे तेज़ हवाए इसी ग्रह पर चलती है, जो सुपर-सोनिक स्पीड से भी तेज़ है. 1989 मे NASA ने भेजे Voyager 2 Space Craft ने यहाँ पृथ्वी के क़द जीतना बड़ा Great Dark Spot नामक तूफ़ान ढूंढ निकाला था जिसमे 2414 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाए बहती थी. पर ये तूफ़ान बहित जल्द ख़त्म हो गया, जिसकी पुष्टि Hubble Space Telescope 1994 में की थी। मुख्य रूप से हिलियम और हाइड्रोजन से बने इस ग्रह का वातावरण काफी हल्का है और यही वजह है की वो अपनी धरी पर एक चक्कर जल्दी पुरा करता है, और इसका मिथेन गैस सूर्य की लाल रोशनी को परावर्तित कर नीले रंग की रोशनी को प्रगत करता है, इसीलिए वो नीला दिखता है। यहा गुरुत्वाकर्षण पृथ्वी के मुकाबले 110% है, अगर आपका वजन पृथ्वी पर 100kg के है तो यहा 110kg होगा।

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