बुध ग्रह (Planet Mercury)

सूर्य से 5 करोड़ 76 लाख किलोमीटर की दूरी पर सौर्यमंडल का प्रथम ग्रह बुध (Mercury) निवास करता है। Mercury नाम रोमन देवता के नाम पे रक्खा गया था, और प्राचीन लोग इसे सुबह का तारा और शाम का तारा भी कहते थे. भूतकाल में इस ग्रह की खोज किसने और कब की इसका कोई ख़ास उल्लेख प्राप्त नहि हुआ है, लेकिन नज़दीकी भूतकाल में 17वी सदी में गेलेलियो ने अधिकारिक रूप से बुध ग्रह को दूरबीन के माध्यम से देखा था. ये ग्रह जब सूर्य के सामने से गुज़रता है तोसरलता से हम उसे देख सकते है, जिसे Transit कहते है।

Mercury दो सालो मे सिर्फ़ 3 बार ख़ुद की धुरी पर स्पिन करता है. इस ग्रह को ख़ुद की धुरी पर चक्कर लगाने के लिए पृथ्वी के 59 दिन लगते है, और सूरज का एक चक्कर लगाने के लिए 88 दिन लगते है।. यहा दिन का तापमान 450c और रात का -176 तक रहता है, इतने तापमान और सूर्य से सबसे क़रीब होने के बाद भी यह ग्रह सूर्यमंडल का सबसे गर्म ग्रह नहि है. वह उपाधि शुक्र को मिली है. क्यूँकी बुध ग्रह पर कोई वातावरण नहि है इस लिए वह पर शुक्र ग्रह के मुक़ाबले कम गरमी संग्रहित होती होती. 30% सिलिकेट और 70% मेटल से बना ये ग्रह पृथ्वी के बाद घनत्व मे दुसरे स्थान पर है। Mercury का घनत्व 5.43 ग्राम पर सेंटीमीटर क्यूब और पृथ्वी का घनत्व 5.51 ग्राम पर सेंटीमीटर क्यूब है।

Mercury की सतह चंद्र के समान उबड खाबड़ वाली ही है। यहा 1973 मे मेरिनल टेल और 2004 मे मैसेंजर ये दो यान भेजे गए थे जिनसे हमे काफी जानकारी प्राप्त हुई है। क्यूँकि इस ग्रह का गुरुत्वाकर्शन अहोत कमज़ोर है इस लिए इसका कोई प्राकृतिक उपग्रह (Moon) नहि है। यहाँ का वातावरण अस्थिर है और इसके आसपास कोई विशेष परत भी नहीं है। यहा के वातावरण के हिसाब से अगर पृथ्वी पर आप 100kg के है तो बुध ग्रह पर आप का वज़न 38kg होंगे।

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