बिजली (तड़ित) क्यूँ गिरती है?

शायद किसी भी प्राकृतिक घटना ने इतना डर, रोमांच और आश्चर्य उत्पन्न नहीं किया होगा जितना बिजली और बादलों की गर्जना से उत्पन्न होता है.

ग्रीक और रोमन लोग ये मानते थे की बिजली ईश्वर का दंड है, जिसका प्रहार वो उस प्राणी या वस्तु पर करता है जिसके ऊपर वह क्रोधित हो जाता है. ग्रीक और रोमन देशवासी इसे भगवान जुपिटर का प्रहारदंड मानते थे.

पर विज्ञान की प्रगति से आज हमने ये जाना है के बिजली या तड़ित की उत्पत्ति एक प्राकृतिक घटना है. अवकाशी बिजली का जन्म Cumulonimbus Cloud नाम के बादलों में होता है. जब बादलों के बीच घर्षण और टकराव होता है तब उसके एनर्जी प्रवाह किसी दूसरी Opposite Energy से एट्रेक्ट होकर एक दूसरे से टकराते है तो एक लाइटनिंग उत्पन्न होती है. जिसे हम आसमानी बिजली कहेते है. बिजली को जानने के लिए हमें उसके प्रकार जानने होगे.

-बिजली के मुख्य 3 प्रकार है:

(1) IntraCloud Lightning:

जब एक ही बादल में आपस मे नेगेटिव और पोज़िटिव चार्ज टकराते है तो एक लाइटनिंग उत्पन्न होती है. जिसे IntraCloud Lightning या Sheet Lightning भी कहेते है. इसका प्रकाश धरती पर दिखाई नहीं देता.

(2) Cloud to Cloud Lightning:

दो अलग अलग बादलो के नेगेटिव और पोज़िटिव चार्ज जब सम्पर्क में आते है तो एक अवकाशी स्पार्क या लाइटनिंग उत्पन्न होती है. ऐसी बिजली का प्रकाश कई बार दिखता है और कई बार नहीं.

(3) Cloud to Ground Lightning:

जब बादलों के नेगेटिव या पोज़िटिव चार्ज ज़मीन के किसी नेगेटिव या पोज़ेटिव चार्ज पे एट्रेक्ट होकर लाइटनिंग रूट बनाते है तो Cloud to Ground Lightning उत्तपन्न होती है. इसे हम बिजली गिरना भी कह सकते है. ये बिजली 30,000 डिग्री सेल्सियस तक गर्म होती है. इतनी गरमी से एयर कोमप्रेस होकर बाद में बहोत दबाव के साथ एक्सप्लोर होती है. जिस से एक धमाके सी आवाज़ या गर्जना होता है. जिसे आम भाषा में हम बादल का गरजना कहेते है.

ये क़रीब 4 से 5 किलोमीटर लंबी होती है. इसकी फ्लैश 1 या 2 इंच चौड़ी होती है. और इसमें 10 करोड़ volts तक का पॉवर होता है, और 30,000 डीग्री की गर्मी. जो सूरज के टेम्प्रेचर से काफ़ी ज़्यादा गर्म है.

क्यूँकी ध्वनी की स्पीड प्रकाश की स्पीड से बहोत कम होती है, इस लिए हमें लाइटनिंग पहेले दिखती है और गर्जना बाद में सुनाई देती है. अगर आपने बिजली दिखने और गर्जना सुनने के बीच में 5 तक गिनती गिन ली तो समझो यह आपसे 1 मील दूर गिरी है क्योंकि ध्वनि को 1 मील का सफर तय करने में गलभग 5 सेकेंड लगते है. प्रकाश की स्पीड 299,792 km.ps है और ध्वनि की 343 meter.ps है.

कई बार हम बिजली तो देखते है लेकिन आवाज नहीं सुनाई देती. ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि आसमानी बिजली 100 माइल दूर से भी देखी जा सकती है जबकि आवाज सिर्फ 12 माइल दूर तक ही सुनाई देती है.

दुनिया भर में हर साल करीब 24,000 लोगो की मौत बिजली गिरने की वजह से होती है.

-बिजली से केसे बचे?

-बिजली या ठंडर स्ट्रॉम के वक़्त बचने का सबसे बेहतर तारिक है घरमे रहेना.

-अगर आप बाहर है तो फ़ोन या इलेक्ट्रिक उपकरणो को स्विच ऑफ़ कर दे, और खुले मैदान में या पेड़ के नीचे ना खड़े रहे.

क्या हम आसमानी बिजली का संग्रह कर सकते है?

तो फ़िलहाल तो नहीं. अभी हमारे पास एसे कोई साधन नहीं है के हम ऐसा कर पाए. और अवकाशी बिजली एक सेकंड से भी कम समय में गिर के ऊपर उठ जाती है. अगर हम ऐसा कोई यंत्र बना भी ले तो हम उसका बहोत ही मामूली सा हिस्सा ही केच कर पाएगे. इस लिए ये काम बहोत मुश्किल और पेचीदा है. इससे अच्छा की हम समय और पैसे सोलर ऊर्जा के संग्रह पर लगाए.

हर दिन में करीब 30 लाख बार बिजली कड़कती है. ये सभी बिजली जमीन से नही टकराती, इनमें से बहुत सी बादलों से बादलों पर गिरती है.

नोट: अगर आप जानना चाहते है कि इस समय दुनिया में कहाँ पर बिजली चमक रही है? तो इस लिंक पर क्लिक कर के आप उसे जान सकते है:

http://wwlln.net/new/map/

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