प्लूटो अब ग्रह क्यू नहि रहा? क्यू प्लुटो से ग्रह का ख़िताब छिन लिया? (Why pluto no more planet?)

हमें स्कूल में पढ़ाया जाता था की सूर्यमंडल में कुल 9 ग्रह है, और वो आख़री ग्रह था प्लूटो। लेकिन 2006 में International Astronomical Union (IAU) ने प्लूटो से ग्रह का ख़िताब छिन लिया और उसे एक Dwarf Planets (बौने ग्रह) का दर्जा मिला। प्लूटो का ऑर्बिट अन्य ग्रहों की तरह गोल ना होकर अंडाकार है। और इसे अपना एक ऑर्बिट पूरा करने में 248 वर्ष लगते है। प्लूटो सूरज से 5.9 अरब किलोमीटर की दूरी पर बिराजमान है। और यह सौरमंडल के कई उपग्रहो से भी छोटा है। इसका व्यास सिर्फ़ 2372 किलोमीटर है. पृथ्वी के मुक़ाबले प्लूटो का mass 0.2% जितना ही है।

इस ग्रह का 1/3 भाग बर्फ (अति ठंड के कारण जमा हुआ पानी) से बना है, और बाकी का 2/3 भाग चट्टानों से बना है। छोटे से प्लूटो पर हमारी पृथ्वी के मुकाबले मौजूद पानी 3 गुना ज़्यादा है। Pluto पर New Horizons नामक यान 19 January 2006 मे भेजा गया था जो अब तक का एक लौता अंतरिक्ष-यान है जो यहा पोहचा। 14 July 2015 को वो वहाँ से कुछ ही घंटो के लिए गुज़रा और प्लूटो की कई सारी तस्वीरे ली जिनमे दिख रहा था की प्लूटो पर कई बर्फ़ीली शृंखलाए है। सन 1930 में Clyde Tombaugh ने अधिकारिक रूप से प्लूटो को खोज था। और सालों तक प्लूटो को सौरमंडल का नवमा ग्रह माना जाता रहा। पर अब वैज्ञानिक प्लूटो को ग्रह की मान्यता नहीं देते, उसे अब बौना ग्रह कहा जाता है।

प्लूटो को क्यूँ ग्रहों के लिस्ट से निकला गया?

तो हुआ कुछ यु की सन 2005 में प्लूटो से भी दूर सूर्यमंडल के एक नये पिंड की खोज हुई,, नाम था Eris । ये प्लूटो से 27% अधिक घनत्व वाला पिंड था, और सूर्य के चलकर लगा रहा था। इस लिए अब Eris को भी सूर्यमंडल के दसवे ग्रह की सूची मे शामिल करने की सम्भावना थी। इस सम्भावना ने IAU को फिर से ग्रहों की नई व्याख्या तय करने पर मजबूर किया। और चेक रिपब्लिक के प्राग में, सन 2006 की 26 वी जनरल एसेंबलि में किसी पिंड को ग्रह कहलाने के लिए नए नियम बनाए गये। जो इस प्रकार थे,

(1) किसी भी पिंड को ग्रह तब ही माना जाएगा जब वो सूर्य का चक्कर लगता हो।

(2) और उसके पास इतना द्रव्यमान (mass) हो की वो ख़ुद को गोलाकार आकर में बनाए रक्खे।

प्लूटो इन दोनो नियमो में खरा उतरता है। लेकिन तीसरा और नया नियम ये था की,,

(3) कोई भी ग्रह सूर्य की परिक्रमा करते वक़्त अपने रास्ते में आने वाले लगुग्रह, उल्कापिंड, और अन्य अवकाशी पदार्थ को अपनी गुरुत्विय शक्ति से अपनी तरफ़ खिच ले, और अपनी परिक्रमा का रास्ता एकदम साफ़सुथरा रक्खे।

इस तीसरे नियम की वजह से प्लूटो को ग्रहों के लिस्ट से बेदख़ल कर दिया गया। हालाँकि इसके बाद दुनिया के कई वैज्ञानिकोने इस बात का विरोध किया।

3 thoughts on “प्लूटो अब ग्रह क्यू नहि रहा? क्यू प्लुटो से ग्रह का ख़िताब छिन लिया? (Why pluto no more planet?)”

  1. Sir… NASA द्वारा Aug 2019 मे इसे फिरसे ग्रह घोषित किया गया है।

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