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घड़ी का आविष्कार और इतिहास

प्राचीन काल में लोग सूर्य की स्थिति को देख कर समय का अनुमान लगाया करते थे. दिन को चार प्रहर में विभाजित किया गया था, जो थे पूर्वान्ह, मध्यान्ह, अपरान्ह और सायंकाल. वैसे ही रात को भी चार प्रहर प्रदोष, शिथ, त्रियामा एवं उषा में बांटा गया था. रात्रि के समय का ज्ञान नक्षत्रों से किया जाता था.

सूर्य घडी :
प्राचीन मिस्र के लोगो ने समय को जानने के लिए सूर्य घडी का अविष्कार किया था. वैज्ञानिको के अनुसार सुर्य घडी ही समय को सूचित करने वाला पहेला समय दर्शक अविष्कार था. लेकिन यह घडी रात में और बदलो के कारन विफल हो जाती थी.

रेत और जल घडी :
सूर्य और नक्षत्रो की अनुमानित समय गणना के बाद 16वि शताब्दी में रेत और जल की घडियो का अपियोग किया जाने लगा. इसका अविष्कार अरब में हुआ था. कांच की बनी रेत घडी में रेत एक खाने से दुसरे खाने में जाती है और उसके अनुसार समय का अनुमान लगाया जाता था.

घंटाघर :
उसके बाद 18वि शताब्दी में यूरोपियनों ने चर्च तथा टावरो में बड़ी घडिया लगाईं. जो समय को घंटो के हिसाब से दर्शाती थी. इंग्लेंड में वेस्टमिस्टर के घंटाघर में और अल्बान्स के टावर में क्लोक लगाईं गई थी.

पॉकेट वोच :
बाद में फ़्रांस और स्विट्ज़रलेंड की सीमा से सटे गाँव के लोगो ने छोटी सी लकड़ी की घड़ियाँ बनानी शुरू की और इस तरह पॉकेर वोच का अविष्कार हुआ.

कलाई घडी :
घंटाघर और पॉकेट वोच के बाद यूरोपीय देशो ने कलाई घडी का इजात किया और धीरे धीरे इसने फेशन का रूप ले लिए. जिसका दौर लम्बे समय तक चलता रहा.

इलेक्ट्रोनिक घडी :
जहाँ एक तरफ सभी टिक टिक घडी बनाने में लगे थे वहां जापान ने इलेक्ट्रिक वोच ला अविष्कार कर लिया, जो समय को अंको में दिखाती थी.

परमाणु घडी :
आज पूरी दुनिया का समय परमाणु घडियो के मुताविक ही सेट किया जाता है. सेटेलाईट, जीपीएस और रेडिओ सिग्नल इन्ही घडी के अनुसार चलते है.

स्मार्ट वोच :
अब तक घड़ियाँ समय बताने के लिए ही उपयोग की जाती थी. लेकिन अब आधुनिक युग में स्मार्ट वोच आपके शारीर का तापमान, धड़कने, मौसम, कदमो की संख्या और नींद के घंटे जैसी सभी जानकारिया देती है. जिनके द्वारा आप कोल्स भी ले सकते है और मेसेज भी छोड़ सकते है.

AM & PM :
हम अक्सर AM और PM शब्दों का उपयोग समय के अनुसंधान में करते है. आज डिजिटल घडी का व्यापक उपयोग किया जाता है. जिसमे समय को AM और PM में बाँट कर दर्शाया जाता है. दरअसल दोनों लेटिन शब्द है. जिस में AM का मतलब Ante Meridiem होता है. अर्थात दोपहर के 12:00 के पहेला का समय. और PM का मतलब post meridiem होता है. अर्थात दोपहर 12:00 बजे के बाद का समय. यहाँ पर दिन के 24 घंटे को दो भाग में बेच दिया गया है. जिस में पहेले भाग को AM और दुसरे भाग को PM कहेते है.

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