केंद्रशासित प्रदेश क्या होते है और उन्हें क्यूँ बनाया जाता है?

केंद्र-शासित प्रदेश क्या होता है?

जैसे राज्य का शासन राज्य सरकार द्वारा चलाया जाता है. जिसमें, जनता अपना MLA को चुन कर राज्य की विधानसभा में भेजती है और वो MLA चीफ़ मिनिस्टर चुनते है. ये चीफ़ मिनिस्टर और उनकी सरकार राज्य के हित में नियम और योजनाए बनती है और राज्य की पुलिस भी राज्य सरकार के ऑर्डर फ़ॉलो करती है.

जब की केंद्रशासित प्रदेश में केंद्र सरकार का यानी की Government of India का राज होता है. ऐसे प्रदेशों के लिए नियम और योजनाए केंद्र सरकार बनाती है और यहाँ की पुलिस भी केंद्र सरकार के आदेशों का पालन करती है. यहाँ शासन चलाने के लिए देश के राष्ट्रपति यहाँ पर Administrator अथवा Lieutenant-Governor नियुक्त करते है.

भारत में कुल 7 केंद्रशासित प्रदेश थे. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली, अण्डमान और निकोबार, लक्षद्वीप, चण्डीगढ़, दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव और पांडुचेरी. पर अब इसमें और दो नए प्रदेश लद्दाख़ और जम्मू-कश्मीर भी जुड गये है. इसलिए अब भारत वर्ष के कुल केंद्रशासित प्रदेशों की संख्या 9 हो चुकी है.

केंद्रशासित प्रदेश भी दो तरह के होते है. एक वो जिनमे विधानसभा होती है और दूसरे वो होते है जो बिना विधानसभा या बिना किसी रोकटोक के सीधे केंद्र सरकार द्वारा चलाए जाते है. लेकिन प्रेक्टिकलि देखा जाए तो विधानसभा हो या ना हो, केंद्रशासित प्रदेशों पर अधिकतर कंट्रोल केंद्र सरकार का ही होता है.

क्यूँ बनाए जाते है केंद्रशासित प्रदेश?

वैसे केंद्र-शासित प्रदेश बनाने के पीछे कोई ख़ास स्पष्टीकरण तो नहि मिलता लेकिन इसके पीछे कई कारण ज़िम्मेदार है.

-जैसे के किसी विस्तार का क़द और जनसंख्या बहोत कम होना, जैसे के पोंदूचेरी, दिव या दमन है.

-या वो विस्तार देश की मूल भूमि से दूर होना, जैसे के अंडमान निकोबार और लक्षद्विप समूह है.

-या उसका प्रशासनिक महत्व होना, जैसे के चंदीघर और दिल्ली है.

-या फिर उसकी अलग सांस्कृतिक विरासत होना…

ऐसे कुछ विशेष परिस्थितियों की वजह से इन प्रदेशो को अन्य राज्यों में ना मिलाकर सीधा केंद्र सरकार द्वारा चलाया जाता है. संविधान के निर्माण के वक़्त भारत में सिर्फ़ अंडमान और निकोबार एक मात्रा केंद्र शासित प्रदेश था. उसके बाद अन्य प्रदेश भी इस लिस्ट में जुड़ते गए.

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