अनुच्छेद 370 के तीन खंड क्या कहते है?

5 अगस्त 2019 को सुबह 11 बजे गृहमंत्री अमित शाह ने राज्य सभा में प्रस्ताव पेश किया की अब अनुच्छेद 370 के कुल 3 खंडो में से दूसरा और तीसरा खंड लागू नहि होंगा.

यहाँ पर याद रहे के अनुच्छेद 370 को पूरी तरह से नहीं हटाया गया है. अनुच्छेद 370 तीन खंडो में बंटा हुआ है. जम्मू-कश्मीर के बारे में अस्थाई प्रावधान है जिसको या तो बदला जा सकता है या फिर हटाया जा सकता है. अमित शाह के बयान के मुताबिक 370 खंड(1) बाकायदा कायम है और 370 खंड(2) और खंड(3) को हटाया गया है.

Article 370 के तीन खंड क्या कहेते है?

प्रथम खंड: इसके तहत भारत के राष्ट्रपति संसद के क़ानूनों और भरतिया संविधान की धाराओं को जम्मू-कश्मीर राज्य की विधानसभा की इजाज़त से इस राज्य में लागू कर सकते है.

दूसरा खंड: अगर राज्य के लिए कोई क़ानून बनाना है तो उसके लिए राज्य की संविधान-सभा की मंज़ूरी लेनी पड़ेगी.

तीसरा खंड: राष्ट्रपति इस पूरे Article को पब्लिक निटिफ़िकेशन जारी कर ख़त्म कर सकते है. पर इसके लिए राष्ट्रपति को राज्य की संविधान सभा की सहमते लेनी होंगी.

17 ऑक्टोबर 1949 से लेकर अब तक अनुच्छेद 370 की वजह से जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दरज्जा मिलाहुआ था. Article 370 हमारे संविधान के 21 वे भाग के पहेले नम्बर पर मौजूद है.

अब इसके खंड दो और तीन के निशप्रभावित हो जाने से कश्मीर के विशेष राज्य का अधिकार भी मिट जाता है और 35A भी अपने आप ही ख़त्म हो जाती है.

अगले पोस्ट में जाने के इस अनुच्छेद के क्या नुक़सान थे!

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