अनुच्छेद 370 के क्या नुक़सान थे?

Article 370 से क्या नुक़सान है?

-दोस्तों शॉर्ट में समजे तो इसमें ऐसी जोगवाई है के कश्मीर का कोई भी नागरिक समस्त भारत देश का नागरिक है. यू कहे के उसे दोहरी नागरिकता प्राप्त है. लेकिन भारत देश के अन्य राज्यों का कोई भी नागरिक कश्मीर का नागरिक नहि है.

-इसकी वजह से देश के अन्य राज्यों का व्यक्ति जम्मू कश्मीर में प्रोपर्टी नहि ख़रीद सकता. इस वजह से वहाँ पर्याप्त विकास नहि हो सका और आनेम्पलोयमेंट बढ़ा.

-अगर कश्मीर की कोई युवती किसी अन्य स्टेट में शादी करती है तो उसकी नगरिकता ख़त्म हो जाती है. और इस परिस्थिति में पिता की मिलकत तो छोड़ो कश्मीर में उस युवती की ख़ुद की मिलकत पर भी उसका अधिकार ख़त्म हो जाता है.

-इसके कारण भारत का पूर्ण संविधान कश्मीर पर लागू नहि हो सकता है.

-आर्टिकल 370 के सेक्शन 35A के तहत वहाँपर ना तो पंचायत के अधिकार है, ना सूचना के और ना ही शिक्षा के अधिकार है.

-और इन सब के अलावा भी इस स्टेट को कई विशेषाधिकार दिए गए है.

Article 370 के हटने से क्या फ़ायदा होंगा?

-Article 370 के kha कश्मीर का हर व्यक्ति कश्मीर के साथ भारत के अन्य राज्यों का नागरिक तो है ही, साथ ही अन्य राज्यों के नागरिक भी कश्मीर के नागरिक है.

-अब भारत का हर देश्वासी कश्मीर में प्रोपर्टी ख़रीद और बेच सकता है.

-कश्मीर की महिला अब अन्य स्टेट में शादी करेंगी तो भी उसका कश्मीर में मौजूदा उसकी मिलकत पर अधिकार बरक़रार रहेगा.

-इस अनुच्छेद के दो खंडो के हट जाने से अब भारत का संविधान पूरा का पूरा कश्मीर पर लागू होंगा.

-अब वहाँपर पंचायत, सूचना और शिक्षा को अपने अधिकार प्राप्त होंगे.

-इस अनुच्छेद के हटने से पहेले जम्मू कश्मीर राज्य के रक्षा, विदेश और संचार सिर्फ़ इन तीन विषय पर ही संसद का नियंत्रण था. पर अब संसद कस इसपर पूर्ण नियंत्रण होंगा.

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